तुम यक़ीं मेरा करो हर आदमी है लाजवाबगर किसी को देखने की रौशनी है लाजवाबवो फ़क़त अच्छी नहीं पर अच्छी लगती है हमेंक्योंकि उस की सादगी की चाँदनी है लाजवाब— Meem Alif Shaz