mujhe jo baat kahni vo pareshaani puraani hai | मुझे जो बात कहनी, वो परेशानी पुरानी है,

  - Divya 'Kumar Sahab'

मुझे जो बात कहनी, वो परेशानी पुरानी है,
अधूरा प्यार तेरा-मेरा पूरी इक कहानी है,

कहे अपना मुझे वो मेरी बस इतनी तमन्ना है,
मुझे हर ज़िंदगी बस साथ उसके ही गँवानी है,

यहाँ मैं भूलता कुछ भी नहीं सब याद रहता है,
रहेंगी 'उम्र भर जो याद, बातें वो भुलानी है,

मुझे हर ज़िंदगी हाँ साथ तेरे चाहिए थी पर,
मिली इक ज़िंदगी वो भी, मुझे तुझ बिन बितानी है,

मेरे बिन होगी हाँ ये जिंदगी तेरी मुकम्मल भी,
कि तेरे बिन अधूरी ये तो मेरी ज़िंदगानी है,

ज़रूरी है नहीं अब तो मुझे तस्वीर ये तेरी,
खड़ी है सामने तू और इन आँखों में पानी है

  - Divya 'Kumar Sahab'

Baaten Shayari

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