Kunu
Kunu
Ghazal

नज़र में है तहरीर सी एक लड़की

हसीं और इक्सीर सी एक लड़की

हुए ख़्वाब पूरे मिरी ज़िंदगी के
मिली जब से कश्मीर सी एक लड़की

कभी वो क़ज़ा तो कभी यार परवर
मिरे वास्ते पीर सी एक लड़की

मिरी सोच के बंद दर खोलती है
मिरे हक़ की तदबीर सी एक लड़की

— Kunu

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