नज़र में है तहरीर सी एक लड़की
हसीं और इक्सीर सी एक लड़की
हुए ख़्वाब पूरे मिरी ज़िंदगी के
मिली जब से कश्मीर सी एक लड़की
कभी वो क़ज़ा तो कभी यार परवर
मिरे वास्ते पीर सी एक लड़की
मिरी सोच के बंद दर खोलती है
मिरे हक़ की तदबीर सी एक लड़की
— Kunu
हसीं और इक्सीर सी एक लड़की
हुए ख़्वाब पूरे मिरी ज़िंदगी के
मिली जब से कश्मीर सी एक लड़की
कभी वो क़ज़ा तो कभी यार परवर
मिरे वास्ते पीर सी एक लड़की
मिरी सोच के बंद दर खोलती है
मिरे हक़ की तदबीर सी एक लड़की
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