
फ़ुर्क़त के मारे लड़के उल्फ़त से डर जाते हैं
दिखने में चट्टानों से छू लो तो बिखर जाते हैं
चाक़ू गोली ख़ंजर तुम क्या-क्या ले के आए हो
हँसते हुए लड़के तो बस इक फूँक से मर जाते हैं
— Lekhak Suyash
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