कुछ दुश्मन हैं साथ हमारे
भोले भाले प्यारे प्यारे
तुमने दे दी उतनी चादर
हमने जितने पैर पसारे
इस सेे अच्छा 'इश्क़ ही करते
दर दर फिरते मारे मारे
चीख़ रहे थे भूखे बच्चे
माँ ने अपने अश्क बघारे
कोई मुझको क्या लूटेगा
खोल चुका हूँ ताले सारे
उसने ऐसा खेल रचाया
जितने भी थे माहिर हारे
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