बात गर हो नयन से तो कर लीजिए
बात बाँहों पे आए तो भर लीजिए
बा'द में बात होंठों पे भी आएगी
पहले गालों से उस के गुज़र लीजिए
आप ऐसे हो बैठे ख़बर ही नहीं
रात पहली मिलन की है डर लीजिए
झटपटाकर के उस ने ये हम से कहा
जान गर्दन से अब तो उतर लीजिए
आज मौक़ा मिला मुद्दतों बा'द 'जय'
जो भी करना है चुप-चाप कर लीजिए
— Jaypratap chauhan















