ऐ ख़ुदा मुझ को ये हुआ क्या है
उस का हूँ मैं तो फिर बुरा क्या है
प्यार मिलता है प्यार के बदले
मुझ को बदले में ये मिला क्या है
मय-कदों में गया बहुत लेकिन
उस की आँखों का ये नशा क्या है
— Ammar 'yasir'
उस का हूँ मैं तो फिर बुरा क्या है
प्यार मिलता है प्यार के बदले
मुझ को बदले में ये मिला क्या है
मय-कदों में गया बहुत लेकिन
उस की आँखों का ये नशा क्या है
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