वो जो था एक शख़्स मर गया है
तुम से कि अब मेरा जी भर गया है
मुझ को समझ नहीं ये आ रहा है
मेरा ये ध्यान अब किधर गया है
अब तुम ये चाल चलना बंद कर दो
इस सर से अब बुख़ार उतर गया है
होता सही है खाना ठोकरें भी
पत्थर ये और भी निखर गया है
— Ammar 'yasir'
तुम से कि अब मेरा जी भर गया है
मुझ को समझ नहीं ये आ रहा है
मेरा ये ध्यान अब किधर गया है
अब तुम ये चाल चलना बंद कर दो
इस सर से अब बुख़ार उतर गया है
होता सही है खाना ठोकरें भी
पत्थर ये और भी निखर गया है
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