
सुनता है भला कौन यहाँ दर्द किसी का
मैं ख़ुश था चलो मेरी परेशानी को पूछा
उस वक़्त इन आँखों में मिरी पानी भर आया
जब शहर में मुझ से किसी ने पानी को पूछा
— Mohit Subran
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