हम इस फ़ेहरिस्त का हिस्सा नहीं थे
और इतना आगे तो पक्का नहीं थे
हमें मालूम है अपनी हक़ीक़त
सो उन की बात पर ग़ुस्सा नहीं थे
ख़ुशी ये थी कि उस का इश्क़ थे हम
मगर ग़म ये कि हम पहला नहीं थे
तुम्हारे दस्त में आने से पहले
अकेले थे मगर इतना नहीं थे
अभी कल तक थे हम दुनिया तुम्हारी
चलो तुम ही कहो अच्छा नहीं थे
— Mukesh Guniwal "MAhir"















