
कभी हम को रही तुम सेे उसी इक आस ने लूटा
कभी तुम पर किया हम ने उसी विश्वास ने लूटा
तुम्हारे साथ अपनी ज़िंदगी को जी रहा था मैं
तुम्हारे बा'द मुझ को है मेरी हर साँस ने लूटा
— Naimish trivedi
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