दीवानगी होती है फ़ानी आप की
फ़ितरत है ये तो ख़ानदानी आप की
कुछ वक़्त की है ख़ुश-गुमानी आप की
ढल जाएगी इक दिन जवानी आप की
ऐ मेरी माशूक़ा के प्यारे वालिदैन
कब होगी मुझ पर मेहरबानी आप की
हम को नचाया उँगलियों पर रात-दिन
किरदार हम थे पर कहानी आप की
बा'द आप के होने लगा हूँ मैं तबाह
सच हो रही आकाश-वाणी आप की
इस बे-वफ़ाई का ज़ियादा दुख नहीं
पर चुभ रही है शादमानी आप की
बिस्तर पे अब भी हैं वो सारी सिलवटें
गर्दन पे अब भी है निशानी आप की
धोका-धड़ी धोका-धड़ी धोका-धड़ी
केवल यही है जावेदानी आप की
अब तक मैं कैसे जी रहा हूँ सोचिए
है पर्स में फ़ोटो पुरानी आप की
होनी ही थी आख़िर 'मिलन' शह और मात
इक बे-वफ़ा निकली है रानी आप की















