
हिज्र की रात
हिज्र की रात मैं अश्कों की रवानी थी
बिछड़ जाने का ग़म था
उस की बे-वफ़ाई की निशानी थी
कृष्णा की मौत के क़िस्से थे
उस की सुहागरात की कहानी थी
हिज्र की रात मैं अश्कों की रवानी थी
— Krishna dixit
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