हमारे शे'र उस की याद में गुज़रेकि हम तो उम्र भर इरशाद में गुज़रेख़ुदा ये ज़िंदगी किस काम की है फिरअगर ये वाली भी फ़रियाद में गुज़रे— Amanpreet singh