Amanpreet singh

Amanpreet singh

@Poet_preet

Amanpreet singh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Amanpreet singh's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

देखने लग गया था वापसी जाता सब को आख़िरी बच्चा था मैं पेड़ को छूने वाला — Amanpreet singh
भला उन बच्चों को अच्छा लगेगा क्या जिन्हें तब दुनिया दिखती थी ग़ुबारे में — Amanpreet singh
नई नस्लें नई बातें नया सब कुछ सभी पर इश्क़ में बर्बाद वैसे ही — Amanpreet singh
सभी की मानने से घर का सब कुछ टूट जाता है मोहब्बत में नकल करने से पेपर छूट जाता है — Amanpreet singh
होंठ उस के दिखे थे मुझे एक दिन ज़िंदगी तब से लब लग रही है मुझे — Amanpreet singh
नई नस्लें भी तो बर्बाद होंगी नई नस्लों को भी तो इश्क़ होगा — Amanpreet singh
हमेशा वो बिछड़ जाने की बातें करता रहता था बिछड़ जाने पे जो रो के दिखाए जा रहा है अब — Amanpreet singh
वो पहाड़ों से यूँँ नीचे देखता है जैसे अब भी बाबा नीचे बैठे होंगे — Amanpreet singh
आँखों में बस गया वही मंज़र बातें जो सुन के आ रहा था मैं — Amanpreet singh
ख़ुशी की बू सी आती है ये मेरे में उदासी काम आती है अकेले में — Amanpreet singh
आदतन तुझ को भी छोड़ सकता हूँ मैं घर बचाने को छत तोड़ सकता हूँ मैं — Amanpreet singh
कि ग़ुर्बत ने तमाचा मारा मुँह पर फिर मोहब्बत करने वाला था मैं पागल सा — Amanpreet singh
लटक जाना ही अब बेहतर रहेगा वास्ते मेरे गुज़ारा इश्क़ में मेरा कि अब होगा नहीं शायद — Amanpreet singh
हमारे बा'द फिर उस की नज़र में कौन था वैसे हमारे बा'द चश्मों से नमी किस ने निकाली थी — Amanpreet singh
हमारे साथ होकर ग़ैरों से मिलने जो जाती थी मुझे ये पूछना था सिलसिला क्या अब भी वैसा है? — Amanpreet singh

Ghazal