भला क्या है मोहब्बत में मोहब्बत में भला क्या है
दग़ा खाने को मिलती है भला इस में मज़ा क्या है
अभी भी तुम मोहब्बत से सभी से बात करते हो
हो मेरे साथ ऐसे क्यूँ मेरी ऐसी ख़ता क्या है
बला की ख़ूब-सूरत है मगर वो बे-वफ़ा भी है
उसे रो कर भी समझा दूँ जो वो समझे वफ़ा क्या है
— Amanpreet singh















