आँख को नम नहीं किया हम ने
जाने का ग़म नहीं किया हम ने
हाँ बिछड़ने से दुख हुआ लेकिन
तेरा मातम नहीं किया हम ने
बा'द तेरे बहुत मिले लेकिन
सब को महरम नहीं किया हम ने
— Amanpreet singh
जाने का ग़म नहीं किया हम ने
हाँ बिछड़ने से दुख हुआ लेकिन
तेरा मातम नहीं किया हम ने
बा'द तेरे बहुत मिले लेकिन
सब को महरम नहीं किया हम ने
Other ghazal from the same pen
Shers of heartfelt aah.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling