कभी मेरे लिए बदला नहीं वो
हमेशा से मगर ऐसा नहीं वो
किसी के वास्ते रोता भी था वो
मगर मेरे लिए रोता नहीं वो
अभी भी याद करता है किसी को
मेरा होकर भी क्यूँ मेरा नहीं वो
परिंदों से समझ आया मुझे ये
शजर बस प्यार है प्यारा नहीं वो
— Amanpreet singh
हमेशा से मगर ऐसा नहीं वो
किसी के वास्ते रोता भी था वो
मगर मेरे लिए रोता नहीं वो
अभी भी याद करता है किसी को
मेरा होकर भी क्यूँ मेरा नहीं वो
परिंदों से समझ आया मुझे ये
शजर बस प्यार है प्यारा नहीं वो
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