तेरा चेहरा सुब्ह का तारा लगता है सुब्ह का तारा कितना प्यारा लगता हैतुम से मिल कर इमली मीठी लगती हैतुम से बिछड़ कर शहद भी खारा लगता है— Kaif Bhopali