की मैं ने सब सेे दोस्ती अपने हिसाब से
जी मैं ने अपनी ज़िंदगी अपने हिसाब से
हम सारी उम्र मस्जिद-ओ-मंदिर नहीं गए
की है ख़ुदा की बन्दगी अपने हिसाब से
हर बार मुस्कुरा के उसे माफ़ कर दिया
हम ने जताई दुश्मनी अपने हिसाब से
अख़बार से न कोई न ही इश्तिहार से
हमनें मिटाई तीरगी अपने हिसाब से
— Priyanshu Tiwari















