main us se ye to nahin kah raha juda na kare | मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे

  - Tehzeeb Hafi

मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे
मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे

वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी
ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे

  - Tehzeeb Hafi

Khuda Shayari

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    और फिर हाथ भी हल्का नहीं रखा जाता

    पढ़ने जाता हूं तो तस्मे नहीं बांदे जाते
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    Tehzeeb Hafi
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    मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है
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    Tehzeeb Hafi
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    पायल कभी पहने कभी कंगन उसे कहना
    ले आए मुहब्बत में नयापन उसे कहना

    मयकश कभी आँखों के भरोसे नहीं रहते
    शबनम कभी भरती नहीं बर्तन उसे कहना

    घर-बार भुला देती है दरिया की मुहब्बत
    कश्ती में गुज़ार आया हूँ जीवन उसे कहना

    इक शब से ज़ियादा नहीं दुनिया की मसेरी
    इक शब से ज़ियादा नहीं दुल्हन उसे कहना

    रह रह के दहक उठती है ये आतिश-ए-वहशत
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    Tehzeeb Hafi
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    अब उस जानिब से इस कसरत से तोहफे आ रहे हैं
    के घर में हम नई अलमारियाँ बनवा रहे हैं।

    हमे मिलना तो इन आबादियों से दूर मिलना
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    के हम उस गीत में से अपना हिस्सा गा रहे हैं।

    बुरे मौसम की कोई हद नहीं तहजीब हाफी
    फिजा आई है और पिंजरों में पर मुरझा रहे हैं।
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