आँसू पी कर भी हँसती हो
तुम तो कुछ गड़बड़ लगती हो
चलते चलते रुक जाती हो
किस की आवाज़ें सुनती हो
बुरा ना मानो तो कुछ पूछुं
तुम चेहरा कैसे पढ़ती हो
बाली भी जचती है लेकिन
झुमकों में सुंदर लगती हो
झूठी है हर बात मगर तुम
फिर भी सच्ची लगती हो
— Pawan
तुम तो कुछ गड़बड़ लगती हो
चलते चलते रुक जाती हो
किस की आवाज़ें सुनती हो
बुरा ना मानो तो कुछ पूछुं
तुम चेहरा कैसे पढ़ती हो
बाली भी जचती है लेकिन
झुमकों में सुंदर लगती हो
झूठी है हर बात मगर तुम
फिर भी सच्ची लगती हो
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