
सांसें साँसों में यूँँ ही घुलती मिलती हैं
हौले-हौले रफ़्ता-रफ़्ता धीरे-धीरे
जीवन की गाड़ी ऐसे ही तो चलती है
हौले-हौले रफ़्ता-रफ़्ता धीरे-धीरे
यारों बतलाऊँ वय ये कैसे ढ़लती है
हौले-हौले रफ़्ता-रफ़्ता धीरे-धीरे
— Pawan
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