बस हम सेे बातें करती हो
सच में तुम इतनी सच्ची हो
जितने चाँद सितारे जमते
तुम भी उतनी ही जमती हो
तो फिर सब कुछ हो सकता है
गर तुम मेरी हो सकती हो
तुम बस साड़ी को ही पहनो
तुम बस साड़ी में जमती हो
वो तेरा ही हो जाता है
जिसको भी तुम दिखती हो
दुनिया का मालूम नहीं पर
तुम मुझको अच्छी लगती हो
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Kaviraj " Madhukar"
our suggestion based on Kaviraj " Madhukar"
As you were reading Eid Shayari Shayari