इसी से तो पता चलता कि उस
में क्या वफ़ा भी है
परेशानी बहुत है पर तग़ाफ़ुल में मज़ा भी है
अकेला पड़ न जाऊँ मैं तुम्हारे बाद में जानाॅं
इसी इक बात का डर था यही देखो हुआ भी है
कि इक लड़का उसी के 'इश्क़ में दिन रात रहता है
मुझे था पूछना उस सेे कि उसको ये पता भी है
अना को भूल बैठे हम ख़ुदी को भूल बैठे हम
मुहब्बत में गिरे कितना तुम्हें सच में पता भी है
उसी को सोचने से चाहने से दर्द कम होता
वही मेरी दुआ भी है वही मेरी दवा भी है
कि कल तक जो दिलो जाँ थी हमारी और दुनिया थी
बताओ मैं कहूँ कैसे वो लड़की बेवफ़ा भी है
मिरा वो था नहीं पर मैं उसे अपना बना बैठा
यही बस भूल है मेरी यही मेरी ख़ता भी है
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