
उस को तुम ने कम समझा है
वो बस कहने को अच्छा है
बस तुम को ही हम दिखते है
दुनिया को पैसा दिखता है
जिस की तुम चाहत करती हो
वो लड़का जाने कैसा है
जबसे तुम नज़रों से ओझल
तब से मुझ को कम दिखता है
— Kaviraj " Madhukar"
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