कहनेकोहीबसहरकिसीकोजानताहूँमैं
वरनाकहाँइकशख़्सभीपहचानताहूँमैं
कितनाग़लतथामैंभलाकितनाग़लतथामैं
कहतासभीसेथाकीतुझकोजानताहूँमैं
ऐसानहींजोभीहुआतेरीवजहसेथा
थींग़लतियाँमेरीभीहाँयेमानताहूँमैं
तारीफ़सबयेकरतेहैं,अच्छाबहुतहूँमैं
कितनाबुराहूँमैं,येकेवलजानताहूँमैं
वैसेतोमैंइकरेंगताकीड़ाहूँआलसका
परकरगुज़रताहूँवोसबजोठानताहूँमैं