hai bura haal har deewane ka | है बुरा हाल हर दिवाने का

  - Raunak Karn

है बुरा हाल हर दिवाने का
और फिर डर भी है ज़माने का

है हमें इंतिज़ार आने का
फिर तुझे सीने से लगाने का

झूट तो हम कभी नहीं कहते
वक़्त है तुझको सच बताने का

हौले हौले हमें न मारो तुम
ज़हर सीधा हमें पिलाने का

क्यूँ हमें दे रहे हो तुम ताना
क्या तरीक़ा है ये रुलाने का

जान दे सकते हैं तेरी ख़ातिर
जान हमको न आज़माने का

झूट था प्यार झूट था वा'दा
सब दिल-ओ-जान से भुलाने का

मत करो याद उसको इतना भी
ख़तरा रहता है जान जाने का

करना है जो करो वो तुम मन से
बोलना काम है ज़माने का

आए थे प्यार वो बहुत लेकर
मन था उनका भी छोड़ जाने का

सोच मत ये मैं देर से आया
है यही वक़्त मेरे आने का

  - Raunak Karn

Wada Shayari

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