
वतन में है नहीं कोई भी हिंदुस्तान के जैसा
मुझे मेरा वतन मेरी ज़मीन-ए-हिंद प्यारी है
कईं सारे यहाँ पर रंग भाषा और कलाओं के
हमारा मान और पहचान ये हिंदी हमारी है
— Ravi 'VEER'
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