ये नए लड़के जब कुछ सुनाते हैं मुझ कोमाज़ी के माजरे याद आते हैं मुझ कोसातवें जन्म में बिछड़ा है मुझ से वो शख़्सपिछले छह जन्मों के ख़्वाब आते हैं मुझ को— Saahir