ज़िंदगी से ज़िंदगी जब रूठ जाएगी सनमख़्वाब पाने के मुझे तुम देखना फिर सौ जनमरात को हँसते मिलोगे नींद में बेफ़िक्र तुमऔर उठते ही सवेरे फिर करोगे आँख नम— Rubball