बिछड़ने वाले तेरी आँखें याद आती हैंकिसी के हाथ में जब मैं शराब देखता हूँहर एक बात का इक दिन हिसाब होना हैइसीलिए मैं तुम्हें बे-हिसाब देखता हूँ— Saif Dehlvi