लाख समझाते रहे उस को ज़माने वालेआदमी कुछ न करे दिल पे असर होने तकसैफ़ इस बात से अंदाज़ा लगा लो सब कुछपूछा जाता है शजर सिर्फ़ समर होने तक— Saif Dehlvi