
जीना मेरा बहुत कठिन है मरना भी आसान नहीं
यूँ लगता है चंद दिनों में जीते जी मर जाऊँगा
इश्क़ में टूटा आशिक़ हूँ मैं मुझ से दूर ही रहना तुम
जो करने का कहते हैं सब मैं सच में कर जाऊँगा
— Sameer Goyal
Other sher from the same pen
Shers of ishq shayari collection.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling