
उसे अपना कहा बस आजमाइश ही नहीं माँगी
ख़ुदा माँगा तो पर उस की नवाज़िश ही नहीं माँगी
महीने भर से प्यासा छटपटाता मर गया था मैं
वो बादल आए तो थे मैं ने बारिश ही नहीं माँगी
— Ashkrit Tiwari
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