यूँँ आर पार आँखों का तीर हो गया

तेरे इश्क़ में लड़का तस्वीर हो गया

चारासाज़ी काम न आई बुख़ार में
उस ने छुआ मुझे मैं कश्मीर हो गया

पहले तो मैं बुझा बुझा सा रहता था
तेरी सोहबत पाकर तनवीर हो गया

जब से कहा है तू ने नहीं मिलेंगे हम
ये सुन कर दिल मेरा तहसीर हो गया

इन तितलियों की चाहत रखने वालों के
दो आँखों का रोना तक़दीर हो गया

— Saurabh Chauhan 'Kohinoor'

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