मुझ को यूँँ आख़िरी विदा देना
कान में जौन गुनगुना देना
ये मुहब्बत में मरने वाला है
जो भी पूछे उसे बता देना
मुझ से वा'दा करो करोगे क्या
उस को गाली नहीं दुआ देना
इश्क़ दो तरफ़ा हो तो ही करना
एक-तरफ़ा को मत हवा देना
चैन से सोया नइँ हूँ यारो मैं
मुझ को अब चैन से सुला देना
— Saurabh Chauhan 'Kohinoor'















