किस को खोना किस को पाना देख लिया
हम ने भी सबका याराना देख लिया
इस से ज़्यादा और क़यामत क्या गुज़रे
इन आँखों ने तेरा जाना देख लिया
अब तो दिल की एक नहीं सुनना मुझ को
पहले दिल का कहना माना देख लिया
किस ने आख़िर तेरा रस्ता रोका है
किस ने तेरा बाहर आना देख लिया
'नाज़िर' तुम ने ख़ास नहीं कुछ कर पाया
कितना था ये दिल दीवाना देख लिया
— SHABAN NAZIR















