davaa mat do naya fan aazmao aur shifaa de do | दवा मत दो नया फ़न आज़माओ और शिफ़ा दे दो

  - Shajar Abbas

दवा मत दो नया फ़न आज़माओ और शिफ़ा दे दो
करम इतना करो मुझ पर दुपट्टे की हवा दे दो

वफ़ा की है वफ़ा के बदले तुम मुझको वफ़ा दे दो
वफ़ा करना अगर कोई ख़ता है तो सज़ा दे दो

शब-ए-आशूर असग़र से कहा शब्बीर ने बेटा
क़ज़ा के सामने दुनिया को हँसने की अदा दे दो

मैं अपने ग़म सुनाऊँगा ये ज़ख़्म-ए-दिल दिखाऊँगा
कहाँ तुर्बत है मजनूँ की मुझे उसका पता दे दो

शजर वक़्त-ए-मुसीबत में तुम्हें जिन पर भरोसा है
करेंगे वो मदद आकर उन्हें दिल से सदा दे दो

  - Shajar Abbas

Nazakat Shayari

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