दवा मत दो नया फ़न आज़माओ और शिफ़ा दे दो
करम इतना करो मुझ पर दुपट्टे की हवा दे दो
वफ़ा की है वफ़ा के बदले तुम मुझको वफ़ा दे दो
वफ़ा करना अगर कोई ख़ता है तो सज़ा दे दो
शब-ए-आशूर असग़र से कहा शब्बीर ने बेटा
क़ज़ा के सामने दुनिया को हँसने की अदा दे दो
मैं अपने ग़म सुनाऊँगा ये ज़ख़्म-ए-दिल दिखाऊँगा
कहाँ तुर्बत है मजनूँ की मुझे उसका पता दे दो
शजर वक़्त-ए-मुसीबत में तुम्हें जिन पर भरोसा है
करेंगे वो मदद आकर उन्हें दिल से सदा दे दो
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