
दिल के उजड़े हुए मन्दिर को यूँँ आबाद किया
आप को हम ने शजर शाम ओ सहर याद किया
हज़रत-ए-क़ैस भी हैराँ हैं मेरी हालत पर
ख़ुद को इस तरह तेरे हिज्र में बर्बाद किया
— Shajar Abbas
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