suno ab aur ye jabran nibhaana pyaar chhodo yaar | सुनो अब और ये जबरन निभाना प्यार छोड़ो यार

  - SHIV SAFAR

सुनो अब और ये जबरन निभाना प्यार छोड़ो यार
बनाना वो बहाने भी नए हर बार छोड़ो यार

मेरा गर क़त्ल करना हो तो तेरा 'इश्क़ है काफ़ी
नहीं जचते तेरे हाथों में ये हथियार छोड़ो यार

क़रीब आओ हदों को तोड़, दो से एक हो जाएँ
ये मौसम सर्दियों का है सो अब इनकार छोड़ो यार

मुझे बाहों में भरके एक पल में मार डालो ना
कि अब हर बार नज़रों से ये करना वार छोड़ो यार

किसी को मां के आंचल में कभी मंज़िल नहीं मिलती
अगर सच मुच है पाना कुछ तो फिर घरबार छोड़ो यार

नए कानून गढ़ने से बलात्कारी न सुधरेंगे
उठा लो चप्पलें जूतें कि अब सरकार छोड़ो यार

  - SHIV SAFAR

Valentine Shayari

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