koi afsar ab apna kaam kab argent karta hai | कोई अफ़सर अब अपना काम कब अर्जेंट करता है

  - SHIV SAFAR

कोई अफ़सर अब अपना काम कब अर्जेंट करता है
गए वो दिन, कि बस आराम अब सर्वेंट करता है

खड़ा कर कटघरे में सच से ऑर्गू
मेंट करता है
ये कलयुग है यहाँ अब झूठ ही जज
मेंट करता है

पढ़ाई में मेरा मन हो या फिर हो लड़कियों में मन
मगर मैं ऐसा बच्चा हूॅं जो कम अप्सेंट करता है

वो रिश्ते सात जन्मों के महज़ क़िस्से पुराने हैं
यहाँ पर आज कल तो यूथ एग्री
मेंट करता है

हमारे वक़्त में शादी तो पंडित ही कराता था
मगर इस दौर में ये काम भी एजेंट करता है

हमारे दौर में हमको तो अध्यापक पढ़ाते थे
मगर अब टीचरों का काम इस्टूडेंट करता है

कभी कहता नहीं लेकिन मुझे अच्छा नहीं लगता
तेरी फ़ोटो पे कोई ग़ैर जब कॉ
मेंट करता है

  - SHIV SAFAR

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