tere jaisa mere dil men koi bhina aaya hai na aayega k | तेरे जैसा मेरे दिल में कोई भी

  - SHIV SAFAR

तेरे जैसा मेरे दिल में कोई भी
न आया है न आएगा कभी भी

मिली जब ग़ैर के कूचे में मुझ सेे
ज़रा सहमी सी थी थोड़ी थकी भी

सभी रिश्तों को ठुकराती है यानी
वो मुझ सेे प्यार करती है अभी भी

तेरे जैसे ही धोके दे रही है
मुझे ये मौत भी ये ज़िंदगी भी

वो कहती थी चली जाएगी इक दिन
फिर इक दिन आ गया सच मुच गई भी

मेरी वाली तो ख़ैर इक बेवफ़ा थी
मगर देती हैं ग़म अच्छी भली भी

वो भँवरों को लुभाना जानती हैं
हो मुरझाई या हो कमसिन कली भी

‘सफ़र’ तुझ से जब इक लड़की न सँभली
तेरे बस की नहीं है शाइरी भी

  - SHIV SAFAR

Aawargi Shayari

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