कोई जा कर उस सितमगर से ये पूछ आएगा क्या

क्यूँ सताता है शिवम् को तू भला पाएगा क्या

ज़ख़्म के भरने को क्यूँ मरहम दवा करते नहीं
फूँक ऐसे मारने से दर्द मिट जाएगा क्या

देखना अब शहर ये भी जल्द ही छोड़ूँगा मैं
दिल ही जब उकता गया तो कोई रह पाएगा क्या

जाने वाले ने कहा था तुझ से कितने हैं यहाँ
ख़त्म कर के वो तअल्लुक़ हम से पछताएगा क्या

— Shivam Yadav

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