एक समुंदर की आँख नीली है एक बादल का रंग काला हैक्या उदासी है उस मुसव्विर की कितनी शिद्दत से रंग डाला हैवो अपने सब दुखों पे हँसता है मैं अपनी हर ख़ुशी में रोता हूँउस के सीने पे फूल खिलते हैं मेरी आँखों में कैसा छाला है— Shivam chaubey