
चल दिया पलट के मैं घर ख़ुमार बाक़ी है
कुछ सुधार है मुझ
में कुछ सुधार बाक़ी है
साथ जो मेरे था, मैं क़र्ज़-दार सबका हूँ
शुक्र है ख़ुदा मुझ पे इक उधार बाक़ी है
— Subodh Sharma "Subh"
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