सर्द का मौसम था वो अपने गाँव से चल कर आती थीउस के बालों पलकों पे गिर के शबनम इठलाती थीबुशरा लहजा गाल गुलाबी और बहुत कुछ था लेकिनसब से ज़्यादा मुझ को उस की भूरी आँखें भाती थी— Subodh Sharma "Subh"