dhoop men jab baahar dekhoge kya hota hai | धूप में जब बाहर देखोगे क्या होता है

  - BR SUDHAKAR

धूप में जब बाहर देखोगे क्या होता है
तब तो जानोगे ना कैसे क्या होता है

मैं ही अच्छा लगता हूँ तुमको यूँं बोलो
अच्छे लगते हैं तुम जैसे क्या होता है

रिश्ते दिल से मिलाए जाते है ये सुना था
फिर मैं सोचूँ हाथ मिला के क्या होता है

लड़ना छोड़ो आपस में सब मिलके सोचो
कोई कहाँ जाता है मरके क्या होता है

नाम भी तो मेरा तुम ले सकती हो ना लड़की
ये ओए लड़के सुन लड़के क्या होता है

बाय कहा उसने मेरा हाथ छुड़ाते हुए दोस्त
मैंने आज ही जाना मिलके क्या होता है

तू ही कहती थी तेरे बिन भी जी लूंगी
मुझ सेे बिधड़ के देखा तूने क्या होता है

इंग्लिश की टीचर हो गई है तूं रोज़ यही बस
बोलो एल से क्या और यूँ से क्या होता है

  - BR SUDHAKAR

Ujaala Shayari

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