मैं तुझे बात में नहीं रखता
चाँद मैं रात में नहीं रखता
'इश्क़ करता हूँ एक ख़ुदास मैं
बात अब जात में नहीं रखता
दुश्मनी मैं सभी से कर लेता
प्यार खैरात में नहीं रखता
ये तिवारी बदल चुका है अब
जीत को मात में नहीं रखता
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