एक तारा आप का है सोच लो
हुस्न प्यारा आप का है सोच लो
मैं मुसाफ़िर हूँ चला जाऊँ मगर
ये सहारा आप का है सोच लो
चाहती हो बाँट दूँ मैं प्यार को
प्यार सारा आप का है सोच लो
दिल भँवर है प्रेम सागर और अब
हर किनारा आप का है सोच लो
फूल कोई और है तुम चाँद हो
हर सितारा आप का है सोच लो
— Tiwari Jitendra















